सेंट पॉल स्कूल सिरोही में राजस्थान विद्यालय फीस अधिनियम की पालना नहीं करने की धांधली उजागर, शिक्षा विभाग जानबूझकर नहीं कर रहा है कार्रवाही

निजी स्कूलों की बसों का जमकर दुरपयोग

सिरोही। जिले के सभी निजी विद्यालयों में अपने नए सत्र की शुरूआत करते हुए अभिभावकों से मनमानी फीस वसूल करने का कार्यक्रम भी शुरू हो गया है जिस पर स्थानीय शिक्षा विभाग की मिलीभगत से इन निजी स्कूलों पर कोई कार्रवाही नहीं हो पा रही है। निजी स्कूलों में बढ़ती फीस की मार को कम करने के लिए जहां एक ओर राज्य सरकार ने राजस्थान विद्यालय(फीस का विनिमय) अधिनियम 2016 को लागू किया ताकि निजी स्कूलों की फीस वसूली की मनमानी को रोका जा सके लेकिन स्थानीय शिक्षा विभाग द्वारा इन स्कूलों पर कार्रवाही करने की कोई दिलचस्पी दिखाई नहीं दे रही है। जिसके चलते निजी स्कूलों में धडल्ले से अभिभावकों से मनमानी फीस वसूल कर रहे है।
इसके अलावा निजी स्कूलों द्वारा बालवाहिनी का उपयोग भी चुनावी समर में रूपए कमाने के लिए किया जा रहा है। भाजपा हो या फिर कांग्रेस, दोनों दलों ने चुनावी समय में निजी स्कूलों की बालवाहिनी का जमकर लाभ लिया ओर निजी स्कूलों ने भी नियम तोड़ते हुए अपनी बालवाहिनी को चुनावी समर में दौड़ा दिया। ऐसा ही मामला पिछले दिनों दिनांक 21 अप्रैल को सिरोही के अरविंद पैवेलियन में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सभा में पार्टियों के कार्यकत्ताओं को लाने व ले जाने का काम निजी स्कलों की बालवाहिनी को सौंफा गया। जिसमें जिले भर की कई निजी स्कूलों की बालवाहिनी का उपयोग किया गया।
सेंट पॉल स्कूल सिरोही की धांधली उजागर
फीस की अनियमितता को उजागर करने के लिए सिरोही मिरर द्वारा सिरोही शहर के सेंट पॉल स्कूल में जाकर प्रिंसीपल फादर रोबिन से पूछा कि माता-पिता अध्यापक संगम, विद्यालय स्तरीय फीस समिति व फीस का निर्धारण कर नोटिस बोर्ड पर चस्पा नहीं करने की बात पूछी गई तो उन्होंने बताया कि हमने सारी जानकारी जिला शिक्षा अधिकारी को दे रखी है। जबकि कार्यालय निदेशक माध्यमिक शिक्षा, राजस्थान, बीकानेर के पत्र क्रमांक:- शिविरा-मा/मा/अ-3/फीस का विनिमय/2016-17/2017 दिनांक 10.11.17 के पत्र में समस्त जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक शिक्षा-प्रथम/द्वितीय को सूचित करते हुए पालना करने को कहा गया है और राज्य सरकार ने राजस्थान विद्यालय(फीस का विनिमय) अधिनियम 2016 के अनुसार प्रत्येक निजी स्कूल को शैक्षिणिक वर्ष के आरम्भ के 30 दिवस के भीतर-भीतर माता-पिता अध्यापक संगम का गठन किया जाना है। अधिनियम के धारा 4 ग के अनुसार माता-पिता अध्यापक संगम का गठन होने जाने के पश्चात् विद्यायल स्तरीय फीस समिति का गठन किया जावेगा।
सभी निजी विद्यालयों में उक्त एक्ट के अनुसार माता-पिता एवं अभिभावक संगम गठित करते हुए विद्यायल स्तरीय फीस समिति का गठन लाटरी से कर उक्त फीस समिति द्वारा फीस का निर्धारण कर नोटिस बोर्ड पर चस्पा करते हुए, जिला शिक्षा अधिकारी को प्रति उपलब्ध करानी है एवं प्राईवेट स्कूल पोर्टल पर अपलोड़ करनी है। लेकिन सेंट पॉल स्कूल प्रशासन द्वारा ऐसा नहीं किया गया है जिससे यह बात स्पष्ट हो जाती है कि सेंट पॉल स्कूल द्वारा शिक्षा विभाग के आदेशों की पालना नहीं की जा रही है और उस पर स्थानीय शिक्षा विभाग द्वारा जिला मुख्यालय पर निजी स्कूलों पर कार्रवाही नहीं करना स्कूल प्रशासन व स्थानीय शिक्षा विभाग की मिलीभगत को दर्शाता है।
निजी स्कूल कर रही है बालवाहिनी का दुरपयोग
शिक्षा विभाग द्वारा निजी स्कलों की बालवाहिनी का उपयोग केवल स्कूली बच्चों को लाने व ले जाने के लिए किया जाता है लेकिन निजी स्कूलों द्वारा अब बालवाहिनी के उपयोग बच्चों को लाने व ले जाने के अलावा चुनावी समर में कार्यकत्ताओं को लाने और ले जाने में, राजनेताओं के स्वागत के लिए सरकारी शिक्षकों द्वारा भी उपयोग में लिया जाता है जिसके एवज निजी स्कूलों को इनके द्वारा रूपए दिए जाते है।
ऐसा ही मामला दिनांक 21 अप्रैल को सिरोही के अरविंद पैवेलियन में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सभा में पार्टियों के कार्यकत्ताओं को लाने व ले जाने का काम निजी स्कलों की बालवाहिनी को सौंफा गया। जिसमें जिले भर की कई निजी स्कूलों की बालवाहिनी का उपयोग किया गया। जिसमें सेंट पॉल स्कूल सिरोही, सेंट पॉल स्कूल शिवगंज, श्री रूपरजत इंटरनेशनल स्कूल सिरोही, श्री अजित विदय़ा मंदिर सिरोही, मॉर्डन डिफेंस स्कूल शिवगंज, जेकेडी स्कूल सिरोही, गीता आनंद शैक्षणिक संस्थान शिवगंज की बसों ने अपनी-अपनी सेवाएं दी। इसके अलावा सेंट पॉल स्कूल की एक बस आरजे 24 पी ए 4047 का इंश्योरेंस तक भी नहीं है। इन बसों का उपयोग करने के बारे में जब स्कूल प्रशासन को पूछा गया तो उन्होंने बताया कि सिरोही परिवहन विभाग के कहने पर भेजी गई है।

अरविंद पैवेलियन में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सभा में पार्टियों के कार्यकत्ताओं को लाने व ले जाने का काम निजी स्कलों की बालवाहिनी

क्या कहते है शिक्षाधिकारी
मैं अभी बाहर हु और सी बी एस ई स्कूलों में इतना हमारा नियत्रंण नहीं रहता है फिर भी मैं आती हु और क्या मामला है देखती हु ।
गंगा कलावंत
जिला शिक्षाधिकारी माध्यमिक, सिरोही

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