वाहन पर कुछ भी लिखना पहले से वर्जित, पुलिस नहीं कर रही कार्रवाई, इसलिए सरकार ने चेताया -

वाहन पर कुछ भी लिखना पहले से वर्जित, पुलिस नहीं कर रही कार्रवाई, इसलिए सरकार ने चेताया

-मोटर व्हीकल एक्ट में चालान का प्रावधान
-सोशल मीडिया पर वायरल आदेश का सच

मिरर न्यूज़। बाइक, ऑटो, रिक्शा, टेम्पो के साथ किसी भी चार पहिया वाहन नम्बर प्लेट ही नहीं, बल्कि पूरे वाहन के किसी भी हिस्से में कोई भी नाम, स्लोगन लिखना कानूनन वर्जित है। नम्बर प्लेट में कुछ लिखने पर एमवी एक्ट में 100 रुपए के चालान का प्रावधान है, जबकि वाहन के अन्य हिस्से में पदनाम, गांव का नाम, जाति अथवा कुछ भी अंकित होने पर एमवी एक्ट की धारा 39/192 के तहत आरसी नियमों की उल्लंघन पर वाहन जब्ती किया जा सकता है। फिर भी यातायात व थाना पुलिस द्वारा एमवी एक्ट में कोई कठोरता से कार्रवाई नहीं की जा रही है। इसी वजह से वरिष्ठ शासन उप सचिव गृह (सुरक्षा) रवि शर्मा ने पुलिस महानिदेशक जयपुर व यातायात पुलिस अधीक्षक जयपुर चूनाराम जाट ने सभी जिला पुलिस अधीक्षकों को रिमाइंडर जारी कर सख्ती से कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे आदेश और प्रतिद्वंद्वी अखबार में प्रकाशित खबर का भी यही सच है।
यह प्रतिबंधित करवाने के निर्देश
राजस्थान में चलने वाले निजी वाहनों पर स्वयं की जाति, संगठनों के पदों का नाम, भूतपूर्व पद, स्वयं का नाम, गांव का नाम, विभिन्न चिह्न इत्यादि शब्दों और स्लोगन के इस्तेमाल पर प्रतिबंधित करवाने के लिए सरकार ने पुलिस को निर्देश दिए हैं।
जातिवाद-हादसे की आशंका जताई
निजी वाहनों पर जाति, गांव व भूतपूर्व पदनाम लिखा होने से जातिवाद पनपता है, जबकि वाहन चालक का ध्यान भंग होता है। इस कारण सडक़ सुरक्षा के लिहाज से भी वाहनों पर अंकित शब्द, स्लोगन से दुर्घटना की आशंका रहती है। इसको लेकर नागरिक अधिकार संस्था के महासचिव सुरेश सैनी ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को 9 अगस्त 2019 को ज्ञापन दिया। मुख्यमंत्री के आदेश पर वरिष्ठ शासन उप सचिव गृह सुरक्षा रवि शर्मा व यातायात पुलिस अधीक्षक जयपुर चूनाराम जाट द्वारा आदेश जारी किए गए हैं।


सिरोही मिरर ने पहले ही खोली पोल

मोटर व्हीकल एक्ट के तहत वाहनों की नम्बर प्लेट व अन्य हिस्से पर अनर्गल शायरी, नाम, पदनाम, जाति व निवास स्थल का नाम लिखने को लेकर सिरोही मिरर द्वारा पहले ही खुलासा कर दिया। ग्रामीण क्षेत्र तो क्या सिरोही शहरी क्षेत्र में भी वाहन खुलेआम वाहनों पर नियम विरुद्ध वाक्य लिखवा रहे हैं। यही नहीं, कुछ वाहन चालक तो वाहन की नम्बर प्लेट पर नम्बर ही अंकित नहीं करते। यह खुलासा करने के बावजूद पुलिस व परिवहन महकमे द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया गया।

सिरोही मिरर ने जुलाई 2016 के अंक में प्रकाशित की थी यह खबर।

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