माधव यूनिवर्सिटी में फर्जी डिग्रियां का पूर्व में ही हो जाता खुलासा, जांच कमेटी द्वारा रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया गया। - बड़ी खबरें

माधव यूनिवर्सिटी में फर्जी डिग्रियां का पूर्व में ही हो जाता खुलासा, जांच कमेटी द्वारा रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया गया।

कहते है कि समय से पहले और भाग्य से ज्यादा कभी किसी को नहीं मिलता है चाहे वो अच्छा हो या फिर बुरा।
ऐसा ही मामला पूर्व में माधव यूनिवर्सिटी सिरोही में हो रहे फर्जी डिग्री व पुरानी तारीख में डिग्रियां जारी करने के काले कारनामें की जांच के लिए गठित समिति बनाई गई थी लेकिन सिरोही मिरर द्वारा जांच कमेटी के समिति संयोजक प्रो. आनंद पालीवाल से पूछा कि माधव यूनिवर्सिटी सिरोही में फर्जी डिग्री व पुरानी तारीख में डिग्रियां जारी करने के काले कारनामें की जांच में क्या पाया गया तो जांच कमेटी के समिति संयोजक ने यह कहा कि हमने माधव यूनिवर्सिटी की जांच कर रिपोर्ट सरकार को सौंफ दी है। जांच में क्या रहा वो मेरे अधिकार क्षेत्र में नहीं है। सरकार ही इसे सार्वजनिक करेगी। जिसे आज तक सार्वजनिक नहीं किया गया।
क्या था मामला


जानकारी के अनुसार सिरोही के साथ ही प्रदेश के 9 विश्वविद्यालयों में फर्जी व पुरानी तारीख में डिग्रियां बांटने के आरोप लगे। जिसमें सिरोही के माधव युनिवर्सिटी की जांच के लिए राज्य सरकार द्वारा 21 मार्च 2017 को जांच समिति का गठन किया। मोहनलाल सुखाडिय़ा विश्वविद्यालय उदयपुर में फैकल्टी ऑफ लॉ के चेयरमैन प्रो. आनंद पालीवाल, सुविवि में डिपार्टमेंट ऑफ ऑडिया विजुअल हैड प्रो. मदनसिंह राठौड़ व पूर्व डीन विनोद अग्रवाल को डेढ़ माह में जांच करनी थी। इस पर समिति द्वारा जांच कर रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजना बताया जा रहा है, लेकिन जांच में क्या रहा। क्या माधव युनिवर्सिटी में फर्जी डिग्रियां बंटी तथा अन्य भी अनियमितताएं उजागर हुई है आदि सवालों को लेकर समिति सदस्यों को पूछने पर कोई जवाब नहीं दिया गया। आखिर सच्चाई बताने से वे क्यों कतरा रहे हैं ?
महिला की शिकायत पर हुआ खुलासा
हरियाणा की महिला की शिकायत पर मानव भारती यूनिवर्सिटी सोलन के खिलाफ मामला दर्ज हुआ। उसके बाद पुलिस टीम द्वारा छापेमारी में यूनिवर्सिटी के स्टोर रूम से डिग्रियां और कई आंसरशीट जिन्हें देखा भी नहीं गया और नम्बर दे दिए गए। फर्जी डिग्रियों का यह सफर राजस्थान के सिरोही जिले के माधव यूनिवर्सिटी तक जुड़ा हुआ था। दोनों ही यूनिवर्सिटी का तानाबाना एक साथ जुड़ा होना लाजमी था क्योंकि दोनों यूनिवर्सिटी का चेयरमैन राजकुमार राणा ही है जिन्हें पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया है।
सिरोही मिरर ने सबसे पहले किया था खुलासा
सिरोही मिरर द्वारा जून 2017 के अंक में माधव यूनिवर्सिटी के बारे में “फर्जी डिग्री की जांच पर पर्दा” की खबर प्रकाशित की थी जिसमें माधव यूनिवर्सिटी सिरोही में हो रहे फर्जी डिग्री व पुरानी तारीख में डिग्रियां जारी करने के काले कारनामें की जांच के लिए गठित समिति बनाई गई थी लेकिन सिरोही मिरर द्वारा जांच कमेटी के समिति संयोजक प्रो. आनंद पालीवाल से पूछा कि माधव यूनिवर्सिटी सिरोही में फर्जी डिग्री व पुरानी तारीख में डिग्रियां जारी करने के काले कारनामें की जांच में क्या पाया गया तो जांच कमेटी के समिति संयोजक ने यह कहा कि हमने माधव यूनिवर्सिटी की जांच कर रिपोर्ट सरकार को सौंफ दी है। जांच में क्या रहा वो मेरे अधिकार क्षेत्र में नहीं है। सरकार ही इसे सार्वजनिक करेगी। जिसे आज तक सार्वजनिक नहीं किया गया। यदि उस समय जांच कमेटी द्वारा जांच रिपोर्ट की जानकारी दे दी होती तो शायद माधव यूनिवर्सिटी, सिरोही और मानव भारती यूनिवर्सिटी सोलन का सच बहुत पहले ही उजागर हो गया होता।

सिरोही मिरर द्वारा जून 2017 के अंक में माधव यूनिवर्सिटी के बारे में “फर्जी डिग्री की जांच पर पर्दा” की खबर प्रकाशित की थी .

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