महिला मेट नियोजन में सिरोही जिला देश में सर्वाधिक - ताज़ा खबर

महिला मेट नियोजन में सिरोही जिला देश में सर्वाधिक

सिरोही, 11 जुलाई। जिले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारन्टी योजना के तहत संचालित कार्यों में मजदूरी के साथ माॅनिटरिंग में भी महिलायें आगे आ रही हैं। नरेेगा साॅफ्ट पर उपलब्ध आंकडों के आधार पर राजस्थान का जिला सिरोही महिला मेट नियोजन में 98.77 प्रतिशत के साथ में देश में सर्वाधिक है।
जिला कलेक्टर एवं जिला कार्यक्रम समन्वयक भगवती प्रसाद ने अवगत कराया कि सिरोही जिला पिछड़ा एवं आदिवासी बाहुल्य होने के बावजूद महिला मेटों के लिए प्रत्येक गुरुवार को विशेष प्रशिक्षण आयोजित किये गये। नरेगा में अकुशल श्रमिक के रुप में 80 प्रतिशत से अधिक महिलायें नियोजित है ऐसी स्थिति में महिला मेटों के नियोजन से महिलाओं का सशक्तिकरण एवं जवावदेयता बढ़ रही हैं। महिलायें परिवार एवं समाज में आत्म निर्भरता और आत्म सम्मान का अनुभव कर रही है। महिला मेटों के नियोजन एवं उनको प्रशिक्षण देने से मार्च के औसत मजदूरी 199 रू का औसत न्यूनतम 68.84 प्रतिशत औसत दर से श्रमिकों को भुगतान हो रहा था, उसमें उत्तरोत्तर वृद्धि होकर वर्तमान में औसत मजदूरी 220 रू का औसत 79.54 प्रतिशत से श्रमिकों को भुगतान हो रहा है।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी भागीरथ बिश्नोई ने अवगत कराया कि जिले में औसत मजदूरी दर मार्च 2020 में 137 रुपयें से इस वित्तीय वर्ष 2020-21 के तीन महिनों में बढ़कर 175 रुपये होने से जिले का राज्य में 7वां स्थान है, जो कि पिछले वर्ष 2019-20 में 24वां स्थान था। जिले में वित्तीय वर्ष 2020-21 में औसत मजदूरी दर माह अप्रेल (168 रुपये), मई (172 रुपये) तथा जून (179 रुपयें) रही। श्री भगवती प्रसाद जिला कलेक्टर महोदय के निर्देशन व नेतृत्व में मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद सिरोही ने प्रभावी माॅनीटंरिग एवं नियमित निरीक्षण कर कार्यस्थल पर श्रमिकों को पूरा काम पूरा दाम हेतु व्यक्तिगत टास्क, मेटों द्वारा श्रमिकों द्वारा किये गये प्रतिदिवस के कार्यों को दिन में दो बार बताना, समय पर मस्टररोल फीड कर भुगतान करके, प्रत्येक गुरुवार को मेटों का प्रशिक्षण व महिला मेटों हेतु विशेष प्रशिक्षण एवं महिला मेट नियोजन को प्राथमिकता देकर औसत मजदूरी दर में बढ़ोतरी की गई। औसत मजदूरी दर के बढ़ाने के सार्थक प्रयास किए गये जिसके परिणाम सकारात्मक रहें। इस वित्तीय वर्ष में सिरोही जिले में नरेगा योजना प्रारम्भ से अब तक अधिकतम 113471 श्रमिकों का नियोजन किया गया जो पिछलें वर्शो में नियोजित श्रमिकों की तुलना में दुगुने से भी अधिक हैं। कोविड-19 के बचाव और सावधानियों के लिए महिला मेटों द्वारा अपनी स्थानीय भाषा में श्रमिकों को रंगोली, पोस्टर आदि से जानकारी भी कार्यस्थल पर दी जा रही है। अभी तक जिले में श्रमिक इस बीमारी से ग्रसित नहीं हैं। महात्मा गांधी नरेगा योजना में अब तक 15081 प्रवासी परिवारो (50305 प्रवासी श्रमिक) नियोजित कर रोजगार उपलब्ध करवाया जा रहा हैं।

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