प्रारंभिक और माध्यमिक जिला शिक्षा अधिकारी सूचना आयोग में तलब

  • निजी स्कूलों में फीस निर्धारण समिति गठन संबंधी सूचना देने में टालमटोल
  • शिक्षा विभाग की भूमिका पर भी उठे सवाल

मिरर न्यूज। जिले के निजी विद्यालयों में फीस निर्धारण समिति के गठन संबंधी सूचना देने में प्रारंभिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग की टालमटोल प्रवृत्ति को लेकर राज्य सूचना आयोग ने जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक व माध्यमिक को नोटिस जारी कर 26 नवम्बर 2019 को जयपुर तलब किया है। इसके साथ ही निजी स्कूलों में फीस निर्धारण समिति का गठन नहीं करने व अभिभावकों से मनमानी फीस वसूलने पर भी शिक्षा विभाग द्वारा कोई कार्रवाई नहीं करने की गंभीर लापरवाही सामने आ गई। इससे शिक्षा विभाग के अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, माध्यमिक व उच्च माध्यमिक स्तर के निजी विद्यालयों में फीस निर्धारण समिति गठन के लिए दो वर्ष पहले आदेश जारी हुए। इसके बाद भी जिले के अधिकांश निजी स्कूलों में समिति का गठन तक नहीं हो पाया और न ही समिति गठन की सूचना विद्यालय के सूचना पट्ट पर अंकित की है। इसके चलते निजी विद्यालय में पढऩे वाले बच्चों के अभिभावक भी अनभिज्ञ है और इसका फायदा निजी स्कूल संचालक मनमानी फीस वसूल कर उठा रहे हैं। इस गंभीर लापरवाही के बावजूद प्रारंभिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
मॉनिटरिंग नहीं करता विभाग
निजी विद्यालयों का नियमानुसार संचालन हो रहा है या नहीं। इसको लेकर प्रारंभिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा हर माह मॉनिटरिंग भी नहीं की जाती। इसके चलते निजी विद्यालयों की मनमानी सामने ही नहीं आती और न ही उनके खिलाफ कोई कार्रवाई हो पा रही है। इसका खमियाजा निजी स्कूल में पढऩे वाले छात्र व उनके अभिभावकों को भुगतना पड़ रहा है। निजी स्कूलों की मासिक प्रगति रिपोर्ट लेने के साथ ही उनकी संचालन व्यवस्था का भौतिक सत्यापन करने की ड्यूटी प्रारंभिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग की है, मगर उनके द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। इससे मॉनिटरिंग की पोलपट्टी खुलकर सामने आ गई है।
सूचना देने में टालमटोल
राजस्थान विद्यालय (फीस विनिमय) अधिनियम 2016 नियम 2017 के तहत निजी विद्यालयों द्वारा फीस निर्धारण के लिए समस्त निजी स्कूलों में 2016 -2017, 2017-18 व 2018-19 की माता-पिता अध्यापक गठन समिति व विद्यालय स्तरीय फीस समिति द्वारा तय की गई फीस की जानकारी एवं समस्त विद्यालय स्तरीय फीस समिति सदस्यों के नाम, पते व दूरभाष नम्बर सहित सम्पूर्ण जानकारी मांगी गई थी। इसमें पहली कक्षा से 12वीं तक विद्यालय वार फीस की सूचना भी मांगी। 25 अपे्रल 2019 को जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक व माध्यमिक से सूचना मांगी गई थी, मगर जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक ने अधूरी सूचना उपलब्ध करवाई और जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक ने तो सूचना दी ही नहीं। इसकी अपील के बावजूद आज तक कोई जवाब नहीं दिया। उसके बाद द्वितीय अपील राजस्थान सूचना आयोग में की गई, तो सूचना आयोग द्वारा 1 अगस्त 2019 को जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक व प्रारंभिक को नोटिस जारी करते हुए 21 दिन के भीतर सूचना उपलब्ध करवाने के आदेश देते हुए 26 नवम्बर 2019 को सूचना आयोग में तलब किया है।
—- यह बोले जिम्मेदार अधिकारी–
कुछ स्कूलों में तो पहले से ही फीस निर्धारण समितियां चल रही है, मगर नई समिति बनी ही नहीं। विभागीय व्यस्तता के चलते प्रतिदिन सुबह मीटिंग के कारण इसकी मॉनिटरिंग नहीं कर पाई। मुख्य कारण स्कूल का समय 1 बजे तक ही रहता है, जिससे कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। सूचना के अधिकार के तहत क्या सूचना है, उसके बारे में मुझे जानकारी नहीं है। फाइल निकलवाकर मालूम करती है।

गंगा कलावंत, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक सिरोही

अब करेंगे कार्रवाई
आपके द्वारा बताया कि ऐसा हो रहा है, तो अब कार्रवाई करेंगे। फीस निर्धारण अधिनिमय के प्रभारी से पूछकर जानकारी दे पाऊंगा। इसके लिए अलग से प्रभारी अधिकारी है। फिर भी इसे दिखवाकर उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
सुरेश जीनगर, जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक सिरोही

सिरोही मिरर ने अप्रैल 2019 के अंक में प्रकाशित की थी यह खबर।

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