नन्ही भगवती की बदली जिन्दगी

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत निशुल्क उपचार:-

आबुरोड। मूंगथला ग्राम की नन्हीं भगवती जन्म से कटे-फटे होंठ एवं तालू संबंधित बीमारी से ग्रसित थी। परन्तु आज भगवती राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम में निशुल्क शल्य चिकित्सा के माध्यम से पूर्णरूप से स्वस्थ्य हो गई है।
भगवती पुत्री इन्दर जन्म से ही कटे-फटे होंठ विकास से ग्रसित थी। बेटी की इस परेशानी को लेकर माता-पिता बहुत चिंतित रहते थे। कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण वे उसका उपचार भी नहीं करवा पा रहे थें। जैसे-जैसे भगवती की उम्र बढ़ रही थी। माता-पिता की चिंता भी बढ़ती ही जा रही थी। इसी दौरान मूंगथला में आंगनवाड़ी केन्द्र में स्वास्थ्य शिविर लगा जहां पर आरबीएसके की टीम की डॉ. पारुल शर्मा व मीना बैरवा एएनएम ने उसकी स्क्रीनिंग की। स्क्रीनिंग के बाद अतिरिक्त जिला नोडल अधिकारी डॉ. दीपेश वानावत ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत भगवती को उच्च चिकित्सा संस्थान पर कठे होंठ के ईलाज के लिए ग्लोबल हॉस्पिटल माउन्ट आबू उपचार हेतु रैफर कर दिया गया। जहां पर नन्हीं भगवती का सफलता पूर्वक निशुल्क उपचार किया गया। सफल सर्जरी के बाद नन्हीं भगवती स्वस्थ हैं एवं ये भगवती अब खुलकर मुस्कुराते हुए अपना जीवन जी रही है। भगवती के पिता इन्दर कहते है कि बेटी का इलाज होने से मेरी चिंता दूर हो गई है वे कहते है। आपरेशन के पहले हर समय मन में एक ही बात रहती थी भगवती बड़ी होगी तो क्या होगा। लेकिन राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के कारण मेरी बेटी अन्य बच्चियों की तरह स्वस्थ हो गई है। आज इनके माता-पिता भी अब खुश है।
सीएमएचओ डॉ. राजेश कुमार ने बताया की आरबीएसके कार्यक्रम में विशेषकर बच्चों में संभावित होने वाले जन्मजात विकार, शारीरिक दक्षता में कमी, बीमारियां, विकास अवरूद्ध संबंधी विकार एवं अयोग्यता को पहचान कर उनका प्रभावी उपचार सुलभ करवाना मुख्य ध्येय है। इस कार्यक्रम का प्रभावी क्रियान्वयन के लिए समस्त राजकीय चिकित्सालयों के साथ ही प्रतिष्ठित निजी चिकित्सालयों में भी रैफर किए बच्चों को उच्च उपचार सुविधाएं नि:शुल्क उपलब्ध करवायी जा रही हैं।
जिला प्रजजन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राकेश कुमावत ने बताया कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के महत्वपूर्ण कार्यक्रम राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत 0 से 18 वर्ष तक की उम्र के बच्चों का उपचार किया जाता है। आरबीएसके की मोबाइल हेल्थ टीम विभिन्न आंगनवाड़ी केन्द्रों, शिक्षा संस्थानों पर जाकर लगभग 38 बीमारियों से ग्रस्त बच्चों के उपचार में मदद करती है। मोबाइल हेल्थ टीम बच्चों की जांच कर उस अनुरूप की जाने वाली चिकित्सा हेतु बच्चों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद, जिला अस्पताल या फिर मेडिकल कॉलेज एवं निजी एम्पेनेलित अस्पताल पर रेफर किये जाते है। वहां इन बच्चों का नि:शुल्क उपचार किया जाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »
%d bloggers like this: