घर पर डॉक्टर बना वन विभाग का बाबू

  • शिकायत के छह माह बाद भी कार्रवाई नहीं
  • उपवन संरक्षक सिरोही के कनिष्ठ सहायक का मामला

मिरर न्यूज। वन विभाग के उपवन संरक्षक कार्यालय का कनिष्ठ सहायक घर जाते ही डॉक्टर बन जाता है। मुख्यालय पर रहने के बावजूद यह कनिष्ठ सहायक प्रतिदिन शिवगंज से सिरोही तक आवाजाही कर रहे हैं। दोहरी भूमिका के चक्कर में एक तरफ उपवन संरक्षक कार्यालय का कामकाज प्रभावित हो रहा है, तो दूसरी तरफ लोगों की सेहत से खिलवाड़ हो रहा है। बाबू ने शिवगंज में एक फिजियोथैरेपी सेंटर खोल दिया, जहां पर लोगों की फिजियोथैरेपी की जा रही है। इसके लिए सेंटर के बाहर बकायदा डॉ. संदीपसिंह राव अंकित है और उस पर अंकित मोबाइल भी अंकित है, जो नम्बर वन विभाग में भी पंजीकृत है। कनिष्ठ सहायक द्वारा राजकीय सेवा में होते हुए घर पर फिजियोथैरेपी सेंटर चलाने की शिकायत मुख्यमंत्री कार्यालय व प्रधान मुख्य वन संरक्षक में करने के बावजूद वन विभाग द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। इससे समूचा महकमा ही सवालों के घेरे में आ गया है।
जानकारी के अनुसार उपवन संरक्षक कार्यालय सिरोही में कार्यरत कनिष्ठ सहायक संदीपसिंह राव मूलत: पाली जिले के चामुण्डेरी गांव का निवासी है। और शिवगंज में किराए पर रहते हुए फिजियोथैरेपी सेंटर खोल रखा है, जहां सुबह और शाम लोगों की थैरेपी की जाती है। इसके चलते अक्सर तय समय के बाद सिरोही उप वन संरक्षक कार्यालय जाने वाले कनिष्ठ सहायक संदीप वापस जल्दी शिवगंज लौट जाते हैं। मुख्यालय पर नहीं रहना सिविल सेवा नियमों के विरुद्ध है। फिर भी आज तक न तो उपवन संरक्षक द्वारा कोई कार्रवाई की गई और न ही उच्चाधिकारियों ने इसे गंभीरता से लिया है। इसके चलते वन विभाग का कामकाज प्रभावित होने के साथ ही राजकीय राशि का भी दुरुपयोग हो रहा है।
प्रतिदिन आवाजाही, फिर भी मकान भत्ता
शिवगंज स्थित घर से सिरोही वन विभाग कार्यालय तक कनिष्ठ सहायक संदीप सिंह प्रतिदिन करीब 35 किमी. आवाजाही (अपडाउन) कर रहे हैं। फिर भी हर माह वेतन के साथ मकान भत्ता भी उठा रहे हैं, जिससे सरकार को अब तक हजारों रुपए की चपत लग चुकी है। यह राजस्थान सिविल सेवा नियमों के विरुद्ध है और कनिष्ठ सहायक रहते हुए डॉक्टर पद का उपयोग करना भी अपराधिक कृत्य है। फिर भी विभागीय अधिकारी मौन साधे हुए हैं।
बतौर ग्राहक कॉल, शाम को आना
सिरोही मिरर संवाददाता ने बतौर ग्राहक के कनिष्ठ सहायक संदीपसिंह को कॉल किया। संवाददाता ने कहा- डॉक्टर साहब सेंटर पर हो क्या, मुझे थैरेपी करवानी है। इस पर संदीप बोले- नहीं, अभी नहीं। सुबह विजिट पर रहता हूं और आप शाम को आ जाना। संवाददाता बोले- कितने बजे आना है, तो संदीप बोले ठीक 6 .30 बजे सेंटर पर आ जाना।
यह हुई थी शिकायत, कार्रवाई नहीं
उपवन संरक्षक कार्यालय के कनिष्ठ सहायक संदीप सिंह राजकीय सेवा में होते हुए भी शिवगंज में डॉक्टर पद का नाम लगाते हुए फिजियोथैपेरी सेंटर चला रहे हैं। यह सिविल सेवा नियमों के विरुद्ध है। रोज कार्यालय में समय पर नहीं आना अब शिड्यूल बन गया है। इससे राजकीय सेवा का दुरुपयोग हो रहा है। उनका परिवार शिवगंज रहता है और प्रतिदिन आवाजाही करते हैं। फिर भी उनके द्वारा वेतन के साथ मकान भत्ता उठाया जा रहा है। ऐसे लोकसेवक संदीपसिंह के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।इस पर मुख्यमंत्री कार्यालय से आदेश भी हो गए, मगर वन विभाग द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई।
पता करवाती हूं
मुझे इस बारे में जानकारी नहीं है। अगर ऐसा है, तो पता करती हूं। उसके बाद आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
….. उपवन संरक्षक, वन विभाग सिरोही

वन विभाग सिरोही के बाबू संदीप सिंह द्वारा शिवगंज में खोला गया फिजियोथेरेपी सेंटर

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