क्या ओवर रेट पर लगेगी कभी लगाम?

पिछले दिनों जिले में शराब के ठेकों की लॉटरी निकाली गई। किसी का भाग्य खुला और किसी ना भी खुला हो। अब पुराने ठेकेदारो के बदले नये और पुराने जमे हुए ठेकेदार आ गए है। लेकिन क्या आम ग्राहकों को इससे फायदा मिलेगा या नहीं। या फिर ग्राहकों से ओवर रेट में फिर से प्रिंट रेट से अधिक राशि वसूली जाएगी। क्या नई आबकारी नीति के तहत इस बार आबकारी विभाग ओवर रेट में बेचान करने वाले ठेकेदारों पर कोई कार्रवाई करेगी? इतने वर्षो के रिर्पोट के आधार पर तो यही कह सक ते है कि अभी तक आबकारी विभाग के द्वारा तानाशाही रूप से जनता से अवैध वसुली करने वाले इन ठेकेदारो पर कोई भी कठोर कार्रवाई नहीं की गई है। कई शिकायत के बावजूद आबकारी विभाग द्वारा इन पर कार्रवाई ना करना विभाग और ठेकेदारों के मध्य सांठगांठ को दर्शाता है और कार्रवाई के नाम पर महज फाइलों में कोरी कागजी कार्रवाई की जाती है। राजस्थान आबकारी नियम के तहत हम आपको यह बताना चाहते है कि क्या? आबकारी नियमों के अनुसार ही हमारे यहां के शराब ठेकेदार और ठेके पर काम करने वाले सेल्समैन सही तरीके से अपने कर्तव्य को निभाते है या फिर केवल ओवर रेट लेकर जनता को लूटना ही जानते है। यदि आप इन नियमों से परिचित ना हो तो आप भी अपने हक के लिए जाने आबकारी के 2019-20 के कुछ नये नियम।

  • शराब की दुकान पर मदिरा बेचने वाला अधिकृत नौकर (सेल्समैन) को उचित वेषभूषा में रहना होगा तथा उसे अपने नाम तथा विभाग द्वारा नौकर नामे के अनुमोदन के क्रमांक व दिनांक के उल्लेख वाली पट्टिका / लेमिनेटेड कार्ड लगाना होगा।
    -संबधित जिला कार्यालय में मदिरा दुकान पर रखे जाने वाले नौकर के रजिस्टर का संधारण किया जाएगा।
    -मदिरा दुकान पर रखे गए नौकर द्वारा किए गए प्रत्येक काम के लिए अनुज्ञाधारी स्वंय उत्तरदायी होगा।
    -रिटेल ऑफ मदिरा दुकानों हेतु बनाये जाने वाल नौकर नामों को ऑनलाइन किया जाएगा।
  • स्वीकृत दुकान पर किसी भी रूप में मदिरा पान करना और कराना पूर्णत: निषिद्ध है। स्वीकृत दुकान पर वैध रूप से क्रय की गई राज्य में विक्रय योग्य मदिरा के अतिरिक्त अन्य कोई खाद्य पदार्थ, पेय पदार्थ, अन्य वस्तुएं यथा खाली बोतल, कार्टन इत्यादि नहीं रखे जा सकेंगे और बेचान भी नहीं होगा।
    -आबकारी आयुक्त द्वारा नियत किये जाने वाले शुष्क दिवसों पर दुकाने बंद रखनी होगी। इस दौरान शराब की अवैध बिक्री नहीं की जाएगी।
    -अनुज्ञाधारी 18 वर्ष से कम आयु वाले किसी व्यक्ति को या जिस व्यक्ति का होश हवास दुरूस्त न हो, उसे मदिरा नहीं बेच सकेगा। इसी प्रकार पुलिस व सेना के सिपाही या रेल व आबकारी के कर्मचारियों को भी जो वर्दी पहने हुए या ड्यूटी पर हो, मदिरा नहीं बेच सकेगा। वाहन चालको एवं हवाई जहाज के पायलटो की जो ड्यूटी दे रहे हो, को मदिरा नहीं बेच सकेगा।
    -अनुज्ञाधारी अथवा उसका नौकर अपनी दुकान पर किसी प्रकार दंगा, फसाद या जुआ नहीं होने देगा और ऐसे लोगों को जो कुख्यात या बदमाश हो, दुकान पर आने नहीं देगा और रात को अपनी दुकान पर नहीं ठहरायेगा।
  • अनुज्ञाधारी मदिरा बोतलों पर अंकित अधिकतम खुदरा मुल्य से ऊंचा मूल्य (ओवर रेट)ग्राहकों से वसूल नहीं करेगा। उक्त शर्त के उल्लंघन पर राजस्थान आबकारी अधिनियम की धारा 58 सी के तहत मुकद्मा दर्ज कर निम्नानुसार /कार्रवाई की जाएगी।
    प्रथम बार अंकित मूल्य से अधिक ग्राहक से राशि वसूलने पर अनुज्ञाधारी पर 20,000 हजार का जुर्माना लगाने का प्रावधान है। वहीं दूसरी बार उल्लंघन पर 40 हजार तथा तीसरी बार यह गलती दोहराने पर 75 हजार का जुर्माना लगाया जायेगा। यदि संबधित दुकान के अनुज्ञाधारी से चौथी बार ओवर रेट की शिकायत मिलती है तो अनुज्ञाधारी का अनुज्ञापत्र निरस्त किया जाएगा।
    -आबकारी निरीक्षक या निरीक्षण के लिए अन्य प्राधिकृत अधिकारी द्वारा निरीक्षण करने पर अनुज्ञाधारी को अपना अनुज्ञापत्र नौकर का नौकरनामा व बिक्री रजिस्टर, परमिट पास एवं मदिरा का तमाम स्टॉक इत्यादि जांच हेतु बतलाना होगा तथा उसकी दिन व रात में किसी भी समय दुकान में प्रविष्ट होने देगा।

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