अस्तित्व खोते जल स्त्रोत, जिम्मेदार मौन

  • तालाबों में होटलों की गन्दगी समाहित होने का मामला
  • जनप्रतिनिधि और जिम्मेदार अधिकारी भी जानकर बने हुए है अनजान

मिरर न्यूज। सिरोही जिले में जल संसाधन महकमे के साथ जिला प्रशासन की लापरवाही के चलते कई तालाब, बांध का अस्तित्व ही खतरे में पड़ गया है, मगर जिम्मेदार अभियंता और अधिकारी जानकर भी अनजान बने हुए हैं। कतिपय नेताओं की होटलों की गन्दगी प्राकृतिक नालों झोब व बूझ के माध्यम सेे सीधे तालाबों में प्रवाहित हो रही है, मगर उनके विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं हुई। हाईकोर्ट के आदेशों की खुलेआम अवहेलना हो रही है, मगर प्रशासन को इसकी भी परवाह नहीं है। एक तरफ कतिपय होटल संचालक चौतरफा समाजसेवा का दंभ भरते हैं, तो दूसरी तरफ खुद की होटलों की गन्दगी तालाब में बहा रहे हैं। वहीं स्थानीय जन प्रतिनिधि भी इस मामले में चुप्पी साधे है। क्योकि तालाबों में गंदगी फैलाने वाले कोई नहीं उनकी ही पार्टी से जुड़े हुए लोग है। जिस पर जनप्रतिनिधियों की चुप्पी साधना लाजमी है। सिरोही के कालका तालाब (आखेलाव), मानसरोवर व लाखेलाव के संरक्षण को लेकर भी अब तक न तो जल संसाधन विभाग द्वारा कोई ठोस कार्य योजना बनाई जा रही है और न ही क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों द्वारा कोई ध्यान दिया गया। पहले से उपेक्षित इन तालाबोंं में लम्बे समय से इन कतिपय समाजसेवी व नेताओं द्वारा उनकी होटलों की गन्दगी प्राकृ तिक नालों झोब व बूझ में डालकर इन जल स्त्रोतों को प्रदूषित किया जा रहा है। इससे राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) के आदेशों का भी खुला उल्लंघन है। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा न्यायालय के आदेशों की कोई परवाह नहीं है।
लोगों का उठ जाएगा कानून से विश्वास
न्यायालय के सख्त आदेश के बावजूद कतिपय होटल संचालकों द्वारा प्राकृतिक नालों में गंदगी डालकर तालाबों को प्रदूषित किया जा रहा है। न्यायालय के आदेशों की लगातार अवहेलना से आमजन का भी कानून से विश्वास डगमगाने लग गया है कि आखिर न्यायालय के आदेश का क्या औचित्य रह गया।
कलक्टर बोले- दिखवाता हूं
कुछ होटलों की गन्दगी प्राकृतिक नालों के माध्यम से जलस्त्रोतों में जाने के मुद्दे पर जिला कलक्टर ने बताया कि उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है, मगर ऐसा है, तो यह गंभीर मामला है। इसे दिखवाता हूँ।

विधायक बोले लिखकर दो तुरंत कार्रवाही करता हूँ
सिरोही-शिवगंज के विधायक संयम लोढ़ा ने यह बताया कि मुझे इस मामले की जानकारी नहीं है लेकिन यदि कोई कार्यकत्र्ता या कोई आम व्यक्ति मुझे इस संबंध में कोई शिकायत करता है तो मैं इन होटल संचालकों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन को निर्देश दे सकता हूं।
गन्दगी का कर रहा हूं समाधान
होटल नटराज संचालक व नगरपरिषद के पूर्व भाजपा सभापति ताराराम माली ने सिरोही मिरर के सवाल पर बोले- हां, मैं मानता हूं कि होटल की गन्दगी प्राकृतिक नाले में जा रही है, जो गलत है। अब मैं इसके लिए समाधान जल्द कर रहा हूंं। होटल के पास गन्दगी निस्तारण के लिए एक कुआं खुदवा रहा हूं, जिसमें गन्दगी संग्रहित करके उसे नियमित तौर पर निस्तारित किया जाएगा। फिर समय समय पर साफ सफाई होती रहेगी, तो गन्दगी के हालात उत्पन्न नहीं होंगे।
सिरोही मिरर द्वारा होटल साईं लक्ष्मी के संचालक, कांगे्रस नेता व पार्षद महेंद्र मेवाड़ा (मनु भाई) से भी संपर्क का प्रयास किया, मगर कॉल ही अटेंड नहीं किया गया।
वहीं बाबा रामदेव होटल के संचालक रधुनाथ माली का मोबाइल भी नोट रिप्लाई रहा।
तालाबों के पेटे में गन्दगी
सिरोही में कालका तालाब, लाखेलाव तालाब व मानसरोवर तालाब में गन्दगी की कालिख जमा है। इसके चलते तालाबों का पानी भविष्य में पेयजल के काम में लेना मुश्किल है। इस पर शासन, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को चिंतन करना जरूरी है।

सिरोही मिरर ने जुलाई 2019 के अंक में प्रकाशित की थी यह खबर।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »