अभी तो गर्म हवाओं ने भी नहीं दी दस्तक, लो शुुरू हो गई पानी की किल्लत

-सावधान! पानी की विकट स्थिति से गुजरेगा सिरोही।
-अभी से सभंल जाइये, जल का अपव्यय ना करें।

– सिरोही का मुख्य पेयजल स्त्रोत अणगौर बांध खाली हो चुका है।

जल ही जीवन है और जल के बिना इंसान का रहना मुश्किल है। गर्मी शुरू होने से पहले ही शहर के लोगों को पानी के कमी सताने लगी है। आपको बता दे की पिछले वर्ष बारिश कम होने की वजह से गर्मियों में पानी की किल्लत को लेकर लोगों को मुश्किलों का समाना करना पड सकता है। अभी सर्दी का मौसम अपने अंतिम पडाव पर है लेकिन अभी से क्षेत्र में पानी की किल्लत शुरू हो गई है। अभी से ही पानी की सप्लाई हर तीसरे दिन से चौथे दिन तक जाने लगी है। लोगो को पानी की कमी की चिंता अभी से सताने लगी है, अभी से पर्याप्त पानी नहीं मिल पाने के कारण लोगों को हैंडपम्पों का सहारा लेना पड़ रहा है। शहर में मुख्य जल स्त्रोत अणगोर बांध से पानी की आपूर्ति की जाती है। लेकिन वर्षा के कम होने से जिले का भूमिगत जल स्तर भी काफी कम हो गया है। जिसके चलते यह कहना मुश्किल है कि अणगोर बांध के ट्यूबवैल भी शहर मेें पानी की आपूर्ति कितने समय तक कर पाते है। जिसके कारण पानी की किल्लत बढऩे लगी है।
अमूमन अप्रैल माह से शहर में पानी की किल्लत शुरू होती थी, लेकिन इस साल फरवरी में ही दिक्कत होने लगी है। पिछले कुछ दिनों से पानी के किल्लत की शिकायतें बढ़ गई हैं। वहीं, शहर में मांग के अनुरूप पानी की उपलब्धता भी नहीं हो रही है। जल संस्थान को सर्दियों में पेयजल संकट का सामना नहीं करना पड़ता था, लेकिन इस साल बारिश कम होने से और गर्मी का मौसम शुरू होने की वजह से पानी की किल्लत होने लगी है।
भू-जल स्तर नीचे की ओर, कैसे मिलेगा पानी
पिछले साल के पूर्व भारी बारिश में लबालब हुए तालाब और बांध पिछले साल मानसून की बेरुखी के कारण खाली पड़े है। बांधों से जलापूर्ति पर निर्भर हमारे जिले में अभी से जलापूर्ति व्यवस्था डगमगाने लगी है। यदि प्रशासन अभी से नहीं चेता तो गर्मियों में हालात विकट होना तय है। जिला मुख्यालय सिरोही का मुख्य पेयजल स्त्रोत अणगौर बांध नौ साल बाद फिर फरवरी महीने में ही सूख गया है। साढे 22 फीट भराव क्षमता वाला अणगौर बांध अभी खाली पडा है। इससे पहले 2009 में ऐसा हुआ था, तब शहर में गंभीर पेयजल संकट गहराया था। इस साल भी ऐसे ही विकट हालातों से गुजरना पड़ सकता है। शहर में एकांतरे एक घंटे होने वाली जलापूर्ति अब 72 घण्टों में दी जाने लगी है। सर्दियों में ही ऐसी स्थिति है तो गर्मियों में हालात बिगड सकते हैं। और इस संबंध में जलदाय विभाग सिरोही के अधिकारी से बात की तो उन्होंने बताया कि इस बार पानी की समस्या काफी गंभीर है।
सिरोही जिले का भूमिगत जल स्तर काफी हद तक नीचे चला गया है। इस सम्बन्ध में हमने जब सिरोही के भूगर्भ-शास्त्री खुशवंत मिस्त्री से बात की तो उन्होंने बताया कि हमारे विभाग द्वारा जांचे गए मई 2018 माह के प्री मानसून भूमिगत जलस्तर में जिले का औसत जल-स्तर 13.44 मीटर नापा गया। वही मानसून के पश्चात यानि पोस्ट मानसून में जिले का भू-जल स्तर 17.21 मीटर रहा। मतलब बारिश ना होने के कारण 3.76 मीटर की गिरावट हुई। फिलहाल 2019 के प्री-मानसून भूमिगत जलस्तर की स्थिति की जांच तो मई माह में की जाएगी। यानि की जिले भर कम बारिश की वजह से भूमिगत जलस्तर की स्थिति 3.77 मीटर तक गिरावट दर्ज की गई है। जिसकी वजह से जल आपूर्ति सम्बंधित समस्याओं की तकलीफ जिलेवासियो को झेलनी पडेगी।

फिलहाल तो अणगौर बांध में ट्यूबवैल सहारे शहर में पानी की आपूर्ति की जा रही है। लेकिन यह समस्या गर्मियों में और भी गंभीर हो जाएगी। किस प्रकार से जल विभाग इस समस्या से निपटेगा यह तो वो ही जाने, लेकिन लोगों के अभी से ही इस समस्या को सामना करने के लिए तैयार रहना होगा।
पानी की कीमत कब जानोगे, जनाब
जो वस्तु व्यक्ति को आसानी से मिल जाती हो या अधिक मात्रा में उपलब्ध हो तब तक वो इसकी कीमत को नहीं जानता, लेकिन वो ही वस्तु उसके पास अल्प मात्रा में होती है तब उसको उसकी कीमत मालूम होती है। ठीक उसी प्रकार पानी की अधिक आपूर्ति होती है तो लोग पानी का अपव्यय करते है कही खुला नल छोड देते है तो कोई सडकों और गाडियों को धोने में पानी का दुरूपयोग करता है। वही शहर में कई सारे आरओ प्लांट लगे हुए है। जिनका वेस्टेज पानी पूरे दिन नालियों में बहता रहता है। क्या इस पानी का उपयोग दुसरे कामों के लिए नहीं कर सकते। शहर के प्रशासन की नजर भी कभी इस ओर गई नहीं वरना यही पानी रीबुल्ड कर काम में लिया जा सकता है।
जब हमने जल आपूर्ति के बारे मेें जलदाय विभाग के अधिशाषी अभियंता पीके माथुर से इन हालातों से निपटने के लिए पूछा तो उन्होंने बताया कि अणगौर बांध का पानी तो पूर्णतया खाली हो चुका है। पानी से सम्बधित सिरोही शहर के लोगों को इस बार गर्मियों में काफी गंभीर समस्याओं से जूझना पडेगा। जिसके लिए पानी के टैंकरो द्वारा व्यवस्था की जाएगी।
अभी से संभल जाइये, इस गर्मी भंयकर पानी की समस्याओं से गुजरेगा सिरोही
जानकारों के अनुसार सिरोही का मुख्य जल स्त्रोत अणगौर बांध कम हुई बारिश की वजह से समय से पहले ही पूरा सूख गया है और पानी की सप्लाई को लेकर सिरोही वासियों को इस बार पानी सम्बंधित बडी ही विकट समस्याओं से गुजरना पडेगा। बडी ही खेदजनक बात है कि जब सुखे की स्थिति पैदा होती है तब जल को बचाने के उपायों की बात सरकारें, प्रशासन और लोग करते है। लेकिन जब गर्मियों का मौसम चला जाता है, तो सभी अगली गर्मी के मौसम, सूखा पडने तक लंबी तान कर सो जाते है और लोगों द्वारा जल को बर्बाद करने का सिलसिला शुरू हो जाता है।
क्या आप जानते है
संयुक्त राष्ट्र की पहल पर दुनियाभर के शहरों का एक सर्वेक्षण करवाया गया था कि भविष्य में पानी की स्थिति कैसी रहने वाली है। इस सर्वे में पाया गया कि दुनिया के 11 बडे शहर पानी की भारी कमी से जूझने वाले हैं। इसमें दक्षिण अफ्रीका का केपटाउन शहर पहला बडा शहर है, जो पानी के संकट से दो-चार हो रहा है। केपटाउन की हालत इतनी खराब हो गयी है कि यहां पानी की राशनिंग की स्थिति आ गयी है। लोगों को रोजाना पानी नहीं मिलता और मिलता भी है तो सीमित मात्रा में। समस्या इतनी गहरा गयी है कि अब इससे बचने का रास्ता निकालने का वक्त ही नहीं रहा। वही हमारे देश का बेंगलुरू शहर भी पानी की समस्या से बहुत हद तक प्रभावित है। इसलिए बारिश के दिनों में जल संरक्षण करके और नये तालाबों का निर्माण कर और डैम के सहारे बारिश के बहते पानी को रोककर भविष्य के लिए संरक्षित करें यही इसका हल है वरना गर्मी क्या हर मौसम में पानी की समस्याओं से जूझना पडेगा। और नेताओं को भी अब समझना होगा कि चुनावी वादों को धरातल पर उतारा जाएं न कि चुनावी मंच तक ही सीमित न हो। जनता को भी इसमें अपनी अहम भूमिका निभानी होगी क्योंकि जल बिना जीवन अधूरा है। जल का अपव्यय ना करें और बरसाती पानी को संरक्षित करना। शायद जमीनी नदियों को जोडने की अपेक्षा आकाश में बह रही गंगा यानि वर्षा को जोडना ज्यादा आसान है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »