अध्यक्ष-व्यवस्थापक में तकरार, अध्यक्ष पर अनैतिक दबाव का आरोप

गाली गलोच, डराने, धमकाने का वीडियो हुआ वायरल, बरलुट पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज

मिरर न्यूज। अम्बिका ग्राम सेवा सहकारी समिति कैलाशनगर में किसी बात को लेकर अध्यक्ष और व्यवस्थापक के बीच तकरार कुछ ही देर में अभद्रता में बदल गई। गाली गलोच करते हुए दफ्तर से बाहर निकलने व बाहर निकलने पर देख लेने की धमकी देने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही घमासान मच गया। बाद में अध्यक्ष के खिलाफ बरलुट थाने में प्रकरण दर्ज करवा दिया। इसके साथ ही पुलिस ने जांच शुरू कर दी।
पुलिस के अनुसार 4 अगस्त को अम्बिका ग्राम सेवा सहकारी समिति व्यवस्थापक पालड़ी निवासी कैलाश कुमार रावल ने अध्यक्ष गणपतसिंह पुत्र कानसिंह और जागसिंह पुत्र नाथूसिंह के खिलाफ रिपोर्ट दी। बताया कि 1 अगस्त को दोनों आरोपी समिति कार्यालय में आए, जहां आते ही उसे गाली गलोच देते हुए हाथ-पैर तोडऩे व समिति से बाहर निकल जाने की धमकियां दी। व्यवस्थापक व अध्यक्ष के बीच तीखी तकरार सुनकर रास्ते से गुजरने वाले कई ग्रामवासी भी एकत्रित हो गए। समिति के दस्तावेज को भी बिखेर दिया और उनकी टेबल को खींचते हुए बैग से मारने का भी प्रयास किया। इस तरह राजकार्य में बाधा डाली गई। फिर शाम को छह बजे घर लौटते वक्त भी अध्यक्ष गणपतसिंह व जोगसिंह द्वारा कार से पीछा करने का प्रयास किया, मगर उस वक्त उनके साथ भोपालसिंह व अर्जुनसिंह भी थे और वे जान बचाकर वहां से भाग गए। इस पर पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर लिया। अब प्रकरण की जांच एएसआई शैतानसिंह द्वारा की जा रही है।
समिति से रेती-पत्थर उठा ले गया अध्यक्ष
व्यवस्थापक ने दी रिपोर्ट में बताया कि अंबिका ग्राम सेवा सहकारी समिति में पत्थर, मलबा पड़ा हुआ था, जिसे अध्यक्ष गणपतसिंह चुरा ले गया। इसका तकाजा करने से अध्यक्ष द्वारा व्यवस्थापक से अभद्रता की जा रही है। जबरन गलत व अनैतिक कार्य कराने का दबाव बनाने का आरोप है।
अन्य व्यवस्थाओं से भी दुव्र्यवहार

थाने में दर्ज प्रकरण के मुताबिक समिति अध्यक्ष द्वारा समिति में अन्य व्यवस्थापकों के प्रति भी हमेशा दुव्र्यवहार ही रहा। अध्यक्ष द्वारा बार बार व्यवस्थापकों को हटाना व वापस लगाया जाता है। इस कारण क्षेत्रीय लोगों को भी अनावश्यक दिक्कतें हो रही है।
समिति का भंग हो चुका है बोर्ड
अम्बिका ग्राम सेवा सहकारी समिति कैलाश नगर का बोर्ड भंग होने से अध्यक्ष गणपतसिंह को पद से हटा दिया गया। 18 जुलाई 2018 से ही पद रिक्त होने पर अतिरिक्त रजिस्ट्रार खंड जोधपुर द्वारा प्रशासक नियुक्त कर दिया। इस पर गणपतसिंह द्वारा हाईकोर्ट में एसएलएपी दायर करते हुए वापस 28 जुलाई 2020 को हाईकोर्ट से स्थगन आदेश ले आए। इसके बाद गणपतसिंह वापस समिति के अध्यक्ष बन गए। फिर सहकारिता विभाग में अध्यक्ष गणपतसिंह ने रिपोर्ट देकर उसे कैलाशनगर समिति में व्यवस्थापक के अतिरिक्त चार्ज से मुक्त करने के आदेश जारी करवा दिया, लेकिन दूसरा व्यवस्थापक नहीं आने से चार्ज हस्तान्तरण नहीं हो पाया। चार्ज हस्तान्तरित नहीं होने से व्यवस्थापक कैलाश कुमार रिलीव नहीं हुए। इसी बात को लेकर अध्यक्ष ने व्यवस्थापक कैलाश कुमार को तत्काल समिति से चले जाने के लिए अनैतिक दबाव बनाया, जबकि समिति का चार्ज सौंपे बगैर वे कैसे जा सकते हैं।
ग्रामीणों की मांग पर लगाया था
अध्यक्ष व ग्रामीणों की मांग पर ही कैलाशनगर समिति में व्यवस्थापक कैलाश कुमार रावल को अतिरिक्त चार्ज दिया था।
जरा इनकी भी सुनिए
व्यवस्थापक व अध्यक्ष के बीच क्या बात हुई और एफआईआर दर्ज हुई या नहीं। इस बारे में उन्हें पता नहीं है। वैसे भी समिति स्वतंत्र बॉडी है। दिनेश बोहरा, एमडी केन्द्रीय सहकारी बैंक सिरोही

अनैतिक कार्य करवाने का बनाया दबाव
अध्यक्ष गणपतसिंह समिति में अनैतिक कार्य करवाना चाहते हैं। इसके लिए गाली गलोच करते हुए जान से मारने तक की धमकी भी दी। मैं कोई गलत कार्य नहीं करता। अध्यक्ष आदतन है, जो हमेशा मेरे साथ ही नहीं, बल्कि पहले दो अन्य व्यवस्थापकों के साथ भी ऐसा ही बर्ताव कर चुके हैं। इस पर थाने में एफआईआर दर्ज करवा दी। मुझे अब भी जान का खतरा है। कैलाश कुमार रावल, व्यवस्थापक अम्बिका ग्राम सेवा सहकारी समिति कैलाशनगर

अध्यक्ष गणपतसिंह देवड़ा को भी इस विषय पर बात करने के लिए फोन किया गया लेकिन उनका फोन स्वीच ऑफ था।

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